Tuesday, February 21, 2012

Shreekrishna Joshi 'Nakshe Navees' (स्व. श्री श्रीकृष्ण जोशी 'नक़्शे नवीस')

स्व. श्री श्रीकृष्ण जोशी 'नक़्शे नवीस

 
"गुणागार सागर सरस, नगर नागरिक जान,

जिगर विगर गर जासु है, नगर नागरिक जान ||"



पूरी कविता के लिए क्लिक करें:http://shreekrishnajoshi.blogspot.in/2012/01/blog-post_25.html

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